दिवाली से पहले नौबस्ता तक दौड़ेगी कानपुर मेट्रो

कानपुर मेट्रो अब तक शहर के घनी आबादी वाले दक्षिणी हिस्से तक नहीं पहुंच पाई थी। इस त्योहारी सीज़न में यह इंतज़ार खत्म हो सकता है। मेट्रो अधिकारियों के मुताबिक आईआईटी कानपुर से नौबस्ता तक ट्रेन चलाने की तैयारियां पूरी हैं और दिवाली से पहले पूरे कॉरिडोर-1 पर 21 स्टेशनों के साथ निर्बाध सफर शुरू करने की योजना है।
क्या है ताज़ा अपडेट#
अभी तक यात्री आईआईटी से केवल कानपुर सेंट्रल तक ही सफर कर पाते हैं। सेंट्रल के आगे करीब 7 किलोमीटर का नया हिस्सा और सात नए स्टेशन जुड़ने के बाद पूरी लाइन लगभग 23.5 किलोमीटर लंबी हो जाएगी।
कानपुर मेट्रो के जनसंपर्क अधिकारी पंचानन मिश्र के हवाले से आई खबरों के अनुसार नौबस्ता तक संचालन की तैयारियां पूरी हैं और सेवा शुरू होने पर करीब हर पांच मिनट में ट्रेन मिलने की उम्मीद है।
सात नए स्टेशन#
| स्टेशन | प्रकार |
|---|---|
| झकरकटी बस टर्मिनल | भूमिगत |
| ट्रांसपोर्ट नगर | भूमिगत |
| बारादेवी | एलिवेटेड |
| किदवई नगर | एलिवेटेड |
| बसंत विहार | एलिवेटेड |
| बौद्ध नगर | एलिवेटेड |
| नौबस्ता (टर्मिनल) | एलिवेटेड |
इनके जुड़ने से स्टेशनों की संख्या 14 से बढ़कर 21 हो जाएगी। झकरकटी स्टेशन खास अहमियत रखता है, क्योंकि यह बस टर्मिनल के पास है और दूसरे जिलों से आने वाले यात्रियों को सीधे मेट्रो से जोड़ेगा।
एक नज़र में#
- रूट: आईआईटी कानपुर से नौबस्ता (कॉरिडोर-1, ऑरेंज लाइन)
- लंबाई: लगभग 23.5 किमी
- स्टेशन: 21 (नए हिस्से में झकरकटी और ट्रांसपोर्ट नगर भूमिगत)
- सफर का समय: स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार करीब 40 मिनट
- अधिकतम किराया: रिपोर्ट के मुताबिक 60 रुपये
- स्टाफ: सातों नए स्टेशनों पर स्टेशन कंट्रोलर, गार्ड और सफाई कर्मी तैनात हो चुके हैं, और शुरुआत से पहले दोनों शिफ्ट में कुल स्टाफ करीब 150 करने की योजना है
यहां तक का सफर#
- 28 दिसंबर 2021: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आईआईटी कानपुर से मोतीझील तक 9 किमी के पहले प्राथमिकता खंड का उद्घाटन किया।
- 2025: कानपुर सेंट्रल तक भूमिगत हिस्सा शुरू हुआ और चालू लाइन 14 स्टेशनों तक पहुंची।
- जून 2026: मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (CMRS) ने कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता खंड का तीन दिन का निरीक्षण पूरा किया, जिससे पहले इसी महीने प्रारंभिक निरीक्षण हुआ था।
- 14 जुलाई 2026: परियोजना की सलाहकार कंपनी ने बताया कि अंतिम खंड का सुरक्षा निरीक्षण पूरा हो गया है, जबकि वाणिज्यिक संचालन की मंज़ूरी का इंतज़ार था।
- नवरात्र का लक्ष्य: कुछ स्थानीय खबरों में नवरात्र में शुरुआत की उम्मीद जताई गई थी। वह समय निकल चुका है और अब दिवाली से पहले का लक्ष्य बताया जा रहा है।
कानपुर के लिए क्यों अहम#
नौबस्ता और आसपास के इलाके शहर के सबसे घने क्षेत्रों में हैं। आईआईटी, कानपुर सेंट्रल और विश्वविद्यालय क्षेत्र से सीधी मेट्रो कनेक्टिविटी मिलने पर शहर की व्यस्त उत्तर–दक्षिण सड़कों पर जाम कम होने की उम्मीद है। बस अड्डा, रेलवे स्टेशन और दक्षिणी कानपुर एक ही लाइन से जुड़ जाएंगे।
आगे क्या#
कॉरिडोर-2 (चंद्रशेखर आज़ाद कृषि विश्वविद्यालय से बर्रा-8) का निर्माण अभी जारी है और इसके लिए अल्स्टॉम की ट्रेनें आ रही हैं। इसके अलावा यूपीएमआरसी ने जून 2026 में करीब 83.7 किमी के सात और कॉरिडोर प्रस्तावित किए हैं, जबकि नौबस्ता–बर्रा-8 लाइन की डीपीआर को राज्य सरकार की मंज़ूरी मिल चुकी है।
